अँखियाँ अँखियाँ सों सकाय
अँखियाँ अँखियाँ सों सकाय मिलाय हिलाय रिझाय हियो भरिबो’ ।
बतियाँ चितचोरन चेटक सी रस चारु चरित्रन ऊँचरिबो ॥
रसखानि के प्रान सुधा भरियो’ अधरान पै त्यों अधरा धरिबो ।
इतने सब मैन के मोहनी जंत्र पै मंत्र बसीकर सी करिबो ॥२३॥
अँखियाँ अँखियाँ सों सकाय मिलाय हिलाय रिझाय हियो भरिबो’ ।
बतियाँ चितचोरन चेटक सी रस चारु चरित्रन ऊँचरिबो ॥
रसखानि के प्रान सुधा भरियो’ अधरान पै त्यों अधरा धरिबो ।
इतने सब मैन के मोहनी जंत्र पै मंत्र बसीकर सी करिबो ॥२३॥