अति लाल गुलालहु फूलत

Raskhan

अति लाल गुलालहु फूलत फूँल अली अलि कुंतल राजत हैं ।
मुकता के कदंब के अंब के मौर सुने सुर कोकिल लाजत हैं ।
मखतूल समान के गुंज छरानन किंसुक की छवि छाजत हैं ।
यह आपन प्यारी जू की रसखानि बसंत सी आजु विराजत हैं ॥२३८॥