आज गई व्रजराज के
आज गई व्रजराज के मंदिर सुन्दर स्याम विलोक्यौ री माई ।
सोइ उठ्यौ पलिका कल कंचन बैठ्यौ महा मनहार कन्हाई ।
ए सजनी मुसकात लख्यौ रसखानि विलोकनि बंक सुहाई ।
मैं तब तैं कुलकानि तजो सुवजी व्रजमंडल माँह दुहाई ॥१७७॥
आज गई व्रजराज के मंदिर सुन्दर स्याम विलोक्यौ री माई ।
सोइ उठ्यौ पलिका कल कंचन बैठ्यौ महा मनहार कन्हाई ।
ए सजनी मुसकात लख्यौ रसखानि विलोकनि बंक सुहाई ।
मैं तब तैं कुलकानि तजो सुवजी व्रजमंडल माँह दुहाई ॥१७७॥