आयो हुतो नियरें रसखानि

Raskhan

आयो हुतो नियरें रसखानि कहा कहूँ तू न गई वह ठंया ।
या ब्रज में सिगरी बनिता सब वारति प्राननि लेत बलैया ॥
कोऊ न काहू की कानि करै कछु चेटक सो जु कर्यो जदुरैया ।
गइगो तान जमाइगो नेह रिझाइगो प्रान चराइगो गैया ॥१९॥