काहूसों माई कहा कहिए'
काहूसों माई कहा कहिए’ सहिए जु सोई रसखानि सहावै ।
नेम कहा जब प्रेम कियो तब नाचिए सोई जो नाच नचावै ॥
चाहत हैं हम और कहा सखि क्योंहूँ कहूँ पिय देखन पावैं ।
चेरिय सों जु गुपाल रच्यो तौ चलोरी सबै’ मिलि चेरी कहावैं ॥९८॥
काहूसों माई कहा कहिए’ सहिए जु सोई रसखानि सहावै ।
नेम कहा जब प्रेम कियो तब नाचिए सोई जो नाच नचावै ॥
चाहत हैं हम और कहा सखि क्योंहूँ कहूँ पिय देखन पावैं ।
चेरिय सों जु गुपाल रच्यो तौ चलोरी सबै’ मिलि चेरी कहावैं ॥९८॥