कीजै कहा जु पै
कीजै कहा जु पै लोग चवाव सदा करिवौ करिहूँ व्रजमारौ ।
सील न लोकत राखै न लाजु सुगावत ताहि री गावनहारौ ।
आउ री सीरी करैं अँखियाँ रसखानि धनै धनि भाग हमारौ ।
आवनु है फिरि आजु वल्यौ वह राति के रास कौ नाचनहारौ ॥२५८॥
कीजै कहा जु पै लोग चवाव सदा करिवौ करिहूँ व्रजमारौ ।
सील न लोकत राखै न लाजु सुगावत ताहि री गावनहारौ ।
आउ री सीरी करैं अँखियाँ रसखानि धनै धनि भाग हमारौ ।
आवनु है फिरि आजु वल्यौ वह राति के रास कौ नाचनहारौ ॥२५८॥