दमकैं रवि कुंडल दामिनी

Raskhan

दमकैं रवि कुंडल दामिनी से धुरवा जिमि गोरज राजत है ।
मुकताहल-वारन गोपन के सु तौ बूँदन की छवि छाजत है ।
ब्रजवाल नदी उमही रसखानि मयंकवधू-द्युति लाजत है ।
यह आवन श्री मनभावन की वरषा जिमि आज बिराजत है ॥१६६॥