देस बिदेस के देखे
देस बिदेस के देखे नरेसन रीझि की कोऊ न बूझ करैगो ।
तातें तिन्है तजि जान गिर्यो गुन सौं गुन औगुन गाँठि परैगो ॥
बाँसुरीवारो बड़ो रिझवार* है स्याम जो नैकु सुढार ढरैगो* ।
लाड़लो छैल वही तौ अहीर को पीर हमारे हिए की हरैगो ॥१०७॥
देस बिदेस के देखे नरेसन रीझि की कोऊ न बूझ करैगो ।
तातें तिन्है तजि जान गिर्यो गुन सौं गुन औगुन गाँठि परैगो ॥
बाँसुरीवारो बड़ो रिझवार* है स्याम जो नैकु सुढार ढरैगो* ।
लाड़लो छैल वही तौ अहीर को पीर हमारे हिए की हरैगो ॥१०७॥