बंक बिलोकनि है दुखमोचन

Raskhan

बंक बिलोकनि है दुखमोचन दीरघ लोचन रंग भरे हैं ।
घूमत बारुनी पान किये जिमि झूमत आनन रंग ढरे हैं ॥
गंडनि पै किलकें छबि कुण्डल नागरि नैन बिलोकि अरे हैं ।
रसखानि हरैं ब्रजबालनि कों मन ईषत हाँसि के पानि परे हैं ॥३४॥