बेनु बजावत गावन गावत

Raskhan

बेनु बजावत गावन गावत ग्वालन के सँग गोमधि आयो ।
बाँसुरी में उन मेरोई नाम सुग्वालन के मिस टेरि सुनायो ॥
ए सजनी सुनि सास के त्रासरिन नंद के पास उसासन आयो ।
कैसी करौं रसखानि नहीं हित चैन नहीं चित चोर चुरायो ॥७६॥