बैद की औषधि खाइ
बैद की औषधि खाइ कछू न कर वह संजम री सुनि मोसें ।
तो जलपानि कियो रसखानि सजीवन जानि लियो सुख तोसें ॥
एरी सुधामयी भागीरथी निपतत्थिय बनै न सनै तुही पोसें ।
आक धतूर चबात फिरै बिष खात फिरै सिब तेरे भरोसें ॥१२८॥
बैद की औषधि खाइ कछू न कर वह संजम री सुनि मोसें ।
तो जलपानि कियो रसखानि सजीवन जानि लियो सुख तोसें ॥
एरी सुधामयी भागीरथी निपतत्थिय बनै न सनै तुही पोसें ।
आक धतूर चबात फिरै बिष खात फिरै सिब तेरे भरोसें ॥१२८॥