बैन वही उनको गुन

Raskhan

बैन वही उनको गुन गाइ औ कान वही उन बैन सों सानी ।
हाथ वही उन गात सरै अरु पाइ वही जु उही अनुजानी ॥
जान वही उन प्रान के संग औ मान वही जु करै मनमानी ।
त्यों रसखानि वही रसखानि जु हैं रसखानि सो है रसखानी ॥१२९॥