मैन मनोहर बैन बड़े
मैन मनोहर बैन बड़े सखि सैननहीं मन मेरो हर्यौ है ।
गेह को काज तज्यौ रसखानि हियें व्रजराज कुँवार अर्यौ है ।
आसन वासन सास के त्रासन माने न साँसन रंग भर्यौ है ।
नैननि बंक विसाल की जोहनि मत्त महा मनमत्त कर्यौ है ॥२४५॥
मैन मनोहर बैन बड़े सखि सैननहीं मन मेरो हर्यौ है ।
गेह को काज तज्यौ रसखानि हियें व्रजराज कुँवार अर्यौ है ।
आसन वासन सास के त्रासन माने न साँसन रंग भर्यौ है ।
नैननि बंक विसाल की जोहनि मत्त महा मनमत्त कर्यौ है ॥२४५॥