Ekdala
कवि गंग रीतिकाल के प्रारंभिक चरण के एक अत्यंत निर्भीक, वाक्पटु और प्रसिद्ध कवि थे। इकदिला (इटावा) के रहने वाले गंग अकबर और जहांगीर के दरबार से जुड़े थे, जहां रहीम और बीरबल से उनकी गहरी मित्रता थी। वे अपनी खरी, व्यंग्यात्मक और सजीव ब्रजभाषा शैली के लिए जाने जाते थे। उनकी गद्य और पद्य रचना चंद छंद बरनन की महिमा खड़ी बोली गद्य के शुरुआती इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जाती है। कहा जाता है कि अपनी बेबाक बयानबाजी के कारण जहांगीर के कोप का शिकार होकर उन्हें हाथी से कुचलवा दिया गया था।