Jais
मलिक मोहम्मद जायसी सूफी संत और कवि थे, जो आधुनिक उत्तर प्रदेश के जायस नगर के निवासी थे। चिश्ती सूफी परंपरा से संबंध रखने वाले जायसी ने स्थानीय अवधी बोली में काव्य रचना की। उनका महाकाव्य पद्मावत (1540) सूफी प्रेमाख्यानक परंपरा की सर्वोच्च कृति है। इसमें रानी पद्मिनी, राजा रतनसेन और अलाउद्दीन खिलजी की कथा के माध्यम से आत्मा और परमात्मा के आध्यात्मिक संबंध को प्रतीकात्मक रूप से व्यक्त किया गया है। जायसी निर्गुण भक्ति की प्रेमाश्रयी शाखा के सिरमौर कवि हैं।