Chhota Udaipur
गुजरात के कुम्भी (किसान) परिवार में जन्मे कृष्णदास अष्टछाप मंडल के एक महत्वपूर्ण कवि थे। वल्लभाचार्य से दीक्षा लेने के बाद वे गोवर्धन स्थित श्रीनाथजी मंदिर के मुख्य प्रबंधक बनाए गए। मंदिर के विशाल प्रबंधन और व्यवस्था का दायित्व संभालने के साथ-साथ वे एक उच्च कोटि के गायक और कवि भी थे। उनकी रचनाएं कृष्णदास की वाणी में संग्रहित हैं, जिनमें राधा-कृष्ण के प्रेम, सौंदर्य और मधुर लीलाओं का ब्रजभाषा में अत्यंत सजीव वर्णन मिलता है।