Narsi Bamani
संत नामदेव महाराष्ट्र के प्रसिद्ध वारकरी संत थे, जिनका जन्म नरसी में एक दर्जी परिवार में हुआ था। वे पंढरपुर के भगवान विट्ठल के अनन्य भक्त थे। अपने जीवन के उत्तरार्ध में उन्होंने संपूर्ण भारत की यात्राएं कीं और पंजाब के घुमान में एक लंबा समय बिताया। उन्होंने मराठी के साथ-साथ शुरुआती हिंदी (सधुकड़ी) में भी अभंग और पद रचे। उन्होंने जाति-पांति और आडंबरों पर तीखा प्रहार किया। उनकी व्यापक लोकप्रियता और प्रभाव का प्रमाण यह है कि उनके 60 से अधिक हिंदी पद सिख धर्मग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित हैं।